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Jammu and Kashmir

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में मुठभेड़ में लश्कर का टॉप कमांडर मारा गया

30-Sep-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में संयुक्त सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन का एक शीर्ष कमांडर मारा गया। सेना ने आज बुधवार को इसकी जानकारी दी।
यह मुठभेड़ मंगलवार देर शाम हुई। श्रीनगर में मुख्यालय वाले सेना के चिनार कॉर्प्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “खास खुफिया जानकारी के आधार पर, इंडियन आर्मी, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्रीनगर सेक्टर सीआरपीएफ ने कोराग, यूसमर्ग इलाके में एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया।”

सेना ने पोस्ट में आगे कहा, “सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और जब उन्हें चुनौती दी गई, तो आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे जबरदस्त मुठभेड़ हुई और इस दौरान एक आतंकवादी मारा गया।” मारे गए आतंकवादी की पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ फौजी मूसा के तौर पर हुई है। वह जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में शामिल होने के कारण वांछित था।
अधिकारियों ने बताया कि वह 5 सितंबर को यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई एक मुठभेड़ से बच निकला था, जिसमें उसका करीबी साथी यासिर मारा गया था।

अधिकारियों ने बताया कि इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खास जानकारी मिलने के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया। उन्होंने कहा, “जैसे ही जॉइंट फोर्स ने तलाशी तेज की और संदिग्ध ठिकाने की ओर बढ़ी, इलाके में छिपे आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई। इसके बाद हुई गोलीबारी में लश्कर-ए-तैयबा कमांडर मारा गया।” वहीं, इलाके में ऑपरेशन अभी भी जारी है।

पीर पंजाल पर्वत शृंखला में आतंकवादियों की आवाजाही की खबर मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने केंद्र शासित प्रदेश में चौकसी बढ़ा दी है। यह पर्वत श्रृंखला जम्मू डिवीजन के पहाड़ी जिलों को घाटी से जोड़ती है। पुंछ, राजौरी, किश्तवाड़, डोडा, रामबन और अन्य जिलों के घने जंगलों वाले इलाकों में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी हैं और इन ऑपरेशनों का मुख्य मकसद दो तरह का है।

ये ऑपरेशन छिपे हुए आतंकवादियों को खत्म करने और यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं कि उन्हें किसी भी इलाके में सुरक्षा बलों और नागरिकों पर टारगेटेड हमले की योजना बनाने के लिए कोई ठिकाना न मिल सके। शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग, बारामूला, कुपवाड़ा और बडगाम जैसे जिलों में घने जंगल वाले पहाड़ी इलाके हैं, और जॉइंट फोर्स इन पर नजर रख रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जम्मू डिवीजन में जॉइंट ऑपरेशन का दबाव झेल रहे आतंकवादी इन इलाकों में ठिकाने न बना सकें। 
 

 


पीएम मोदी ने रणजी ट्रॉफी में पहली ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर जम्मू-कश्मीर की टीम को बधाई दी

01-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम को उनकी पहली रणजी ट्रॉफी जीत पर हार्दिक बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत टीम के असाधारण साहस, अनुशासन और अटूट संकल्प को दर्शाती है। इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक गर्व का क्षण बताते हुए, उन्होंने उल्लेख किया कि यह जीत क्षेत्र में बढ़ते खेल प्रेम और प्रतिभा को रेखांकित करती है।
प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह उपलब्धि कई युवा एथलीटों को बड़े सपने देखने और खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेगी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपनी प्रसन्नता साझा करते हुए लिखा, “जम्मू-कश्मीर की टीम को अपनी पहली रणजी ट्रॉफी जीत पर बहुत-बहुत बधाई! यह ऐतिहासिक विजय टीम के असाधारण साहस, अनुशासन और अटूट संकल्प को दर्शाती है। यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए गर्व का क्षण है और यह वहां की बढ़ती खेल प्रतिभा और उत्साह को रेखांकित करता है। मेरी कामना है कि यह उपलब्धि हमारे कई युवा एथलीटों को बड़े सपने देखने और खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे।”
जम्मू-कश्मीर ने 67 साल का सूखा खत्म करते हुए शनिवार को रणजी ट्रॉफी के खिताब को पहली बार अपने नाम किया है । कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी एलीट 2025-26 के फाइनल मैच में जम्मू-कश्मीर ने ड्रॉ खेला। पहली पारी के आधार पर मिली बड़ी बढ़त के दम पर जम्मू-कश्मीर चैंपियन बना।
कर्नाटक के खिलाफ खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 584 रन बनाए। टीम की ओर से शुभम पुंडीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शतकीय पारी खेली। उन्होंने 121 रन बनाए, जबकि यावर हसन ने 88 रनों का योगदान दिया।
इसके जवाब में कर्नाटक की पूरी टीम 293 रन बनाकर सिमट गई और जम्मू-कश्मीर को पहली पारी के आधार पर 291 रनों की बड़ी बढ़त हासिल की। कर्नाटक की तरफ से मयंक अग्रवाल ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 160 रनों की लाजवाब पारी खेली। हालांकि, उन्हें बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिल सका। जम्मू-कश्मीर की ओर से गेंदबाजी में औकिब नबी डार ने 54 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जबकि युद्धवीर सिंह और सुनील कुमार ने दो-दो विकेट निकाले।
दूसरी पारी में भी जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा। कमरान इकबाल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 16 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 160 रनों की दमदार पारी खेली। अब्दुल समद ने 32 रनों का योगदान दिया। वहीं, साहिल लोत्रा ने भी 101 रनों की नाबाद पारी खेली। गेंदबाजी में कर्नाटक की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 विकेट चटकाए। खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की टीम कर्नाटक पर पूरी तरह से हावी रही और उन्हें वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया।
 

खेलो इंडिया विंटर गेम्स की गुलमर्ग में हो रही शुरुआत

23-Feb-2026
जम्मू कश्मीर।  ( शोर संदेश )  जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में खूबसूरत बर्फ से ढके स्की रिसॉर्ट में चार दिवसीय छठे खेलो इंडिया विंटर गेम्स की शुरुआत सोमवार से हो रही है। उद्घाटन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चार दिन के इस इवेंट को जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा हरी झंडी दिखाएंगे। इसमें 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव नुजहत गुल ने आईएएनएस को बताया, “30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया है। यह इवेंट बहुत सफल होने वाला है क्योंकि इस बार गुलमर्ग में अच्छी बर्फ है।” 4 दिन का यह इवेंट 23 से 26 फरवरी तक हो रहा है। खेलो इंडिया विंटर गेम्स का पहला लेग 20 से 26 जनवरी तक लद्दाख के लेह शहर में हुआ था।
बर्फ पर होने वाले खेलों का यह दूसरा संस्करण गुलमर्ग में हो रहा है। खेलो इंडिया विंटर गेम्स के सभी छह संस्करण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हुए हैं। गुलमर्ग में चार मेडल वाली श्रेणियां हैं। इसमें स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन स्कीइंग, नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस कंट्री), और स्नोबोर्डिंग शामिल हैं। अल्पाइन स्कीइंग के लिए सबसे ज्यादा पंजीकरण हुआ है।
लद्दाख-लेह में खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के आखिर में, हरियाणा अपने आइस स्केटर्स द्वारा जीते गए चार स्वर्ण पदक के साथ अंक तालिका में सबसे आगे रहा। इसके बाद लद्दाख, महाराष्ट्र और तेलंगाना का नंबर रहा। खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का मैस्कॉट ‘शीन-ए-शी (शान)’ है—स्नो लेपर्ड ‘शान’ भारतीय विंटर स्पोर्ट्स की भावना—लचीला, फुर्तीला और खुद को ढालने वाला—को दिखाता है। इस गेम्स के जरिए हिमालय की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जा रहा है। इस इवेंट के लिए खास इंतजाम किए गए हैं, जिसमें सरकार के बड़े अधिकारी इंतजामों का विस्तृत जायजा ले रहे हैं।





 

बीएसएफ केवल सीमा रक्षक नहीं, आपदा में भी ढाल: अमित शाह

07-Feb-2026
जम्मू कश्मीर।  ( शोर संदेश )  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हिरानगर क्षेत्र में स्थित बोबिया सीमा चौकी (बीओपी) का दौरा कर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को सलाम किया। इस दौरान उन्होंने वर्चुअल माध्यम से सीमा रक्षकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
अमित शाह ने बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में बीएसएफ हमेशा दीवार बनकर खड़ा रहा है। जब-जब देश की सीमाओं पर अतिक्रमण की कोशिश हुई, बीएसएफ ने पूरी मजबूती के साथ उसका सामना किया।
गृह मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी बीएसएफ ने एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है और हर मोर्चे पर अपनी वीरता और पराक्रम का प्रमाण दिया है।
पंजाब में आई भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस कठिन समय में भी बीएसएफ के जवानों ने न केवल सीमा की सुरक्षा की, बल्कि पंजाब के नागरिकों की मदद कर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ केवल सीमा सुरक्षा ही नहीं करता, बल्कि आपदा के समय आम लोगों के लिए भी ढाल बनकर खड़ा रहता है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि बीएसएफ जवानों के कल्याण के लिए सरकार एक नई और विशेष योजना लेकर आएगी। इसके साथ ही पूरी बॉर्डर सिक्योरिटी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के आधार पर मॉडर्नाइज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार बड़ी राशि खर्च करेगी, ताकि जवानों को बेहतर संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इससे पहले अमित शाह ने बोबिया बीओपी पर स्थित शहीद स्मारक ‘अजेय प्रहरी’ पर राष्ट्र रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जवानों का त्याग और अटूट समर्पण हर देशवासी के लिए प्रेरणा है और उनके अदम्य साहस व शौर्य को नमन किया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बीएसएफ को लेकर किए गए पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने बोबिया आउटपोस्ट यात्रा को लेकर पोस्ट करने की योजना बनाई, तो उन्होंने लोगों के कॉमेंट पढ़े। हर कॉमेंट बीएसएफ जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान की प्रशंसा से भरा था, जो पूरे देश की भावनाओं को दर्शाता है।
गृह मंत्री शनिवार को लोक भवन में जम्मू-कश्मीर में चल रही विकास परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।
 

उधमपुर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी, अब तक दो आतंकवादी ढेर

04-Feb-2026

जम्मू कश्मीर।  ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में आज बुधवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर हो गए। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों को मार गिराया गया। उनके शवों की बरामदगी का काम अभी जारी है क्योंकि इलाके में गोलीबारी अब भी चल रही है।

मुठभेड़ मंगलवार देर शाम तब शुरू हुई जब आतंकवादियों को एक गुफा से गोलीबारी करते हुए देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन से आतंकवादियों की लोकेशन का पता चला और उसके बाद इलाके की घेराबंदी और सख्त कर दी गई ताकि आतंकवादियों को पकड़ने में मदद मिले।
सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए बेहद सतर्कता दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि जॉइंट फोर्सेज ने सटीक और सोच-समझकर कार्रवाई की, घेराबंदी कसते हुए आतंकवादियों की भागने की कोई संभावना नहीं छोड़ी। ड्रोन की मदद से गुफा में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिससे सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति बदलकर जोखिम को कम किया।
उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में और आतंकवादी छिपे होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है। आसपास के गांवों और मोहल्लों के लोगों को भी सलाह दी गई है कि वे घरों में रहें जब तक ऑपरेशन पूरा नहीं हो जाता।
अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा बल किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उधमपुर, कठुआ, राजौरी, पूंछ और डोडा जिलों में आतंकवादियों की मौजूदगी सुरक्षा बलों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है। इस मामले पर 8 जनवरी को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी।
बैठक में साफ निर्देश दिए गए थे कि आतंकवादियों, जो ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक माने जा रहे हैं, को तुरंत समाप्त किया जाए और सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर कोई भी घुसपैठ न हो।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 फरवरी से जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह अंतरराष्ट्रीय सीमा का निरीक्षण करेंगे और जम्मू शहर में एक और सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा बल किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड जारी, कश्मीर के मैदानी इलाकों में नहीं हो रही बर्फबारी

11-Jan-2026
जम्मू कश्मीर।  ( शोर संदेश ) जम्मू और कश्मीर में रविवार को भी कड़ाके की सूखी ठंड जारी रही, घाटी में रात का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे बना रहा। साफ आसमान में सर्दियों की हल्की धूप के साथ सूरज निकला। पानी के नल और सड़क के गड्ढों में पानी पूरी तरह जम गया था, जबकि श्रीनगर शहर की डल झील भी कुछ हिस्सों में जम गई थी।
सुबह लोग नलों के चारों ओर छोटी-छोटी आग जलाकर पानी को पिघलाते हुए देखे गए। श्रीनगर शहर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग स्की रिज़ॉर्ट में माइनस 6.2 और पहलगाम में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस था।
जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस, कटरा शहर में 4.4, बटोटे में 3, बनिहाल में 7.1 और भद्रवाह में माइनस 2 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू और कश्मीर, खासकर घाटी के लिए चिंताजनक स्थिति है, क्योंकि मौसम विभाग ने 20 जनवरी तक ठंडे, सूखे मौसम का अनुमान लगाया है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर भी कम हो गया है, क्योंकि शनिवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस और जम्मू शहर में 15.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
वहीं, लगातार सूखे की वजह से पूरे केंद्र शासित प्रदेश में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खेती, बागवानी और पीने के पानी की जरूरतें जिन सभी जल स्रोतों पर निर्भर हैं, वे ‘चिल्लई कलां’ कहे जाने वाले 40 दिनों की कड़ाके की ठंड के दौरान भारी बर्फबारी पर निर्भर करते हैं।
यह अहम 40 दिनों का समय पहले ही आधे से ज़्यादा बीत चुका है, और घाटी के मैदानी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी अभी तक नहीं हुई है।
चिल्लई कलां 30 जनवरी को खत्म होता है। फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फबारी का ज्यादा असर नहीं होता क्योंकि यह जल्दी पिघल जाती है और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ों में बारहमासी पानी के जलाशयों को भरने में मदद नहीं करती।
डॉक्टरों का कहना है कि ठंडे, सूखे मौसम के कारण सीने और दिल से जुड़ी बीमारियां फिर से बढ़ रही हैं। सीने और दिल से जुड़ी बीमारियों का इतिहास रखने वाले लोगों को डॉक्टरों ने ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी है, और ऐसे कमज़ोर लोगों को सलाह दी गई है कि वे कड़ाके की ठंड की लहर की स्थिति में अपने घरों से बाहर न निकलें। 










 

जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड, फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे गया तापमान; डल झील और जलाशय जमे

10-Jan-2026
जम्मू-कश्मीर ।  ( शोर संदेश ) श्रीनगर और जम्मू-कश्मीर की वादियों में शनिवार को तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से कई डिग्री नीचे गिर गया। राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछले दिन यह माइनस 6 डिग्री था। 
ठंड की वजह से यहां की मशहूर डल झील आंशिक रूप से जम गई है, जिससे नाविकों को अपनी नावें चलाने में काफी परेशानी हो रही है। इसके अलावा, पानी के नल, सड़क पर बने छोटे-छोटे गड्ढे और उथले जलाशय भी जम गए।
श्रीनगर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर भी कम हो गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सिर्फ 10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए ठंडी और शुष्क हवाओं की भविष्यवाणी की है और बताया कि 20 जनवरी तक बारिश या बर्फबारी की संभावना बहुत कम है, सिर्फ ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।
इस लगातार शुष्क मौसम ने जम्मू और कश्मीर में चिंता बढ़ा दी है। यहां के सभी जल स्रोत भारी हिमपात पर निर्भर करते हैं। ये कृषि, बागवानी और पीने के पानी की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह हिमपात 40 दिन लंबी कठोर सर्दी की अवधि ‘चिल्लई कलां’ के दौरान होता है। इस महत्वपूर्ण अवधि का आधा समय पहले ही गुजर चुका है, लेकिन वादी के मैदानों में अभी तक इस मौसम की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। चिल्लई कलां की अवधि 30 जनवरी को समाप्त होगी। इसके बाद फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फ जल्दी पिघल जाती है और यह स्थायी जलाशयों को भरने में ज्यादा मदद नहीं करती।
श्रीनगर के अलावा, गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 6.8 डिग्री और पहलगाम में माइनस 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू शहर में रात का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री, कटरा में 5.3 डिग्री, बाटोटे में 1.3 डिग्री, बानिहाल में माइनस 0.4 डिग्री और भद्रवाह में माइनस 2.8 डिग्री था।
वहीं, कडाके की ठंड और शुष्क मौसम की वजह से फेफड़े और दिल संबंधी बीमारियों के मरीज अस्पताल और क्लीनिकों में भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को चेतावनी दी है कि अगर किसी को पहले से दिल या छाती की समस्या है तो उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे मौसम में गर्म कपड़े पहनना, शरीर को पूरी तरह से ढककर रखना और समय पर दवाओं का सेवन करना बेहद जरूरी है।









 

आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर के लक्ष्य को जल्द हासिल करेंगे : गृह मंत्री अमित शाह

09-Jan-2026
जम्मू-कश्मीर ।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर से जुड़े सुरक्षा हालात को लेकर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, सूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार जम्मू और कश्मीर में चिरस्थायी शांति स्थापित करने और आतंकवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के निरंतर और समन्वित प्रयासों के चलते जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद का पूरा इकोसिस्टम ध्वस्त हो चुका है।
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आतंकवादी ढांचे और आतंकवाद की फंडिंग को टारगेट करते हुए आतंक रोधी अभियानों को मिशन मोड में जारी रखा जाना चाहिए।
अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को लगातार चौकसी बरतने और आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद हासिल की गई उपलब्धियों को बनाए रखते हुए ‘आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर’ के लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त करने के लिए काम किया जाए।
गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए केंद्र सरकार की ओर से सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
















 

श्रीनगर में कड़ाके की ठंड: सीजन की सबसे सर्द रात, तापमान माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस

08-Jan-2026
जम्मू-कश्मीर। ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस सर्दी में यह अब तक की सबसे ठंडी रात रही। स्थानीय मौसम विभाग के डायरेक्टर मुख्तार अहमद ने बताया कि न्यूनतम तापमान माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस के साथ, श्रीनगर शहर में आज इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 9.2 डिग्री सेल्सियस और पहलगाम में माइनस 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू शहर में रात का सबसे कम तापमान 7.1 डिग्री, कटरा शहर में 4.1, बटोटे में 2.8, बनिहाल में 3.7 और भद्रवाह में माइनस 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग द्वारा 20 जनवरी तक ठंडे, सूखे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के कारण, कश्मीर में लोगों के बीच आने वाले महीनों में सूखे का खतरा चिंता का कारण बन गया है। यह डर इस बात से और बढ़ गया है कि ‘चिल्लई कलां’ नाम की 40 दिन की कड़ी सर्दी का समय, जो 21 दिसंबर को शुरू हुआ था, 30 जनवरी को खत्म होगा। इस 40 दिन की अवधि में होने वाली भारी बर्फबारी ही पहाड़ों में बारहमासी पानी के जलाशयों को भरती है।
फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फबारी जल्दी पिघल जाती है और ज्यादा समय तक नहीं रहती। इसलिए, चिल्लई कलां में भारी बर्फबारी न होने से गर्मियों के महीनों में मुसीबत आ जाती है। यह बताना जरूरी है कि इस सर्दी के लगभग आधे समय तक श्रीनगर शहर में इस मौसम की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। गुरुवार को घाटी में साफ आसमान में सर्दियों का हल्का सूरज चमका। साफ धूप वाले दिन के बावजूद, सर्दियों का सूरज घाटी में सुबह को गर्म करने में नाकाम रहा।















 


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